दिव्य दरबार · प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार · सभी के लिए निःशुल्क प्रवेशENहिं
बागेश्वर धाम में आपका स्वागत है
॥ जय श्री बागेश्वर बालाजी ॥

जिस क्षण आप यहाँ पहुँचेंगे, आप स्वयं समझ जाएँगे।

घंटियों की गूंज, धाम का खुला आंगन और हृदय में उतरता अपनापन। आप थके हों, असमंजस में हों या मन में कोई चिंता लिए आए हों, गढ़ा, छतरपुर में श्री बागेश्वर बालाजी महाराज की कृपा आपका स्वागत करती है। आपकी तीर्थयात्रा अब शुरू होती है।

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बागेश्वर धाम के बारे में

केवल एक मंदिर नहीं — एक ऐसा स्थान, जहाँ जीवन बदल जाते हैं।

कुछ स्थान वे होते हैं, जहाँ आप जाते हैं। और कुछ स्थान वे होते हैं, जो लौट आने के बाद भी सदा आपके साथ रहते हैं। बागेश्वर धाम दूसरी तरह का स्थान है।

श्री बागेश्वर बालाजी महाराज को समर्पित और पूज्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज के मार्गदर्शन में पल्लवित यह पावन परिसर, गढ़ा (छतरपुर) में आज भारत के सर्वाधिक प्रिय तीर्थस्थलों में से एक बन चुका है।

यहाँ देश के कोने-कोने से लोग आते हैं — सबके नाम अलग, प्रार्थनाएँ अलग, कहानियाँ अलग। और फिर भी, देहरी पर पैर रखते ही कुछ है, जो उन सबको मौन रूप से एक कर देता है।

📍 स्थान
गढ़ा, छतरपुर

मध्य प्रदेश, भारत

🙏 आराध्य देव
श्री बागेश्वर बालाजी महाराज

धाम का हृदय

🕐 नित्य दर्शन
प्रातः 7:30 – रात्रि 9:00

वर्ष के हर दिन

🎟 प्रवेश
सभी के लिए निःशुल्क

कभी कोई शुल्क नहीं

लोग यहाँ क्यों आते हैं

कोई दर्शन के लिए आता है। कोई शांति के लिए। पर लौटते सभी बदले हुए हैं।

बागेश्वर धाम आने वाला हर व्यक्ति एक ही प्रार्थना लेकर नहीं आता। धाम यह नहीं पूछता कि आप क्यों आए हैं। वह बस अपने द्वार खोल देता है — और आने तथा लौटने के बीच कहीं, कुछ बदल जाता है।

🙏
दर्शन

श्री बागेश्वर बालाजी महाराज के सम्मुख अपनी प्रार्थना अर्पित कीजिए।

यात्रा की योजना
दिव्य दरबार

दिव्य दरबार में सम्मिलित होकर बालाजी महाराज के सान्निध्य का अनुभव कीजिए।

दरबार तिथियाँ
🪔
पर्व एवं उत्सव

हनुमान जयंती · राम नवमी · नवरात्रि · जन्माष्टमी · शिवरात्रि।

पर्व कैलेंडर
📿
कथा एवं प्रवचन

गुरुजी की वाणी सीधे हृदय से बात करती है।

कथाएं देखें
🤍
प्रार्थना एवं मौन

धाम के सबसे गहरे क्षण अक्सर सबसे शांत क्षण होते हैं।

यात्रा की योजना
🌱
सेवा

हज़ारों ज़रूरतमंदों का सहारा बनने वाले सेवा-कार्यों में सम्मिलित होइए।

सेवा जानें
श्री बागेश्वर बालाजी महाराज

वह सान्निध्य, जिसने असंख्य हृदयों को अपने घर बुला लिया।

शायद आपने वे चित्र देखे हों — दीप्तिमान मंदिर, जुड़े हाथों और मुँदी आँखों की पंक्तियाँ। पर वहाँ स्वयं उपस्थित होने के अनुभव के लिए कुछ भी पूरी तरह तैयार नहीं कर पाता।

सामूहिक भक्ति-नाद की ध्वनि, धूप-दीप की सुगंध, एक ही कृपा की ओर बढ़े हज़ारों जुड़े हाथों का भार। यहाँ आ चुके अनेक लोग लौटकर एक ही बात कहते हैं: “मुझे नहीं पता था कि मैं ऐसा अनुभव करूँगा।”

बालाजी सरकार के बारे में जानें
आध्यात्मिक विरासत

एक गाथा, जो सदियों पहले आरंभ हुई। और आज भी लिखी जा रही है।

बागेश्वर धाम की कथा केवल पत्थरों में नहीं लिखी गई — वह श्रद्धालुओं की यात्राओं में जीवित है। पूज्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज के मार्गदर्शन में धाम सेवा में, गहराई में और भक्ति में निरंतर बढ़ा है।

~300 वर्ष पूर्व
स्वयंभू आरंभ

श्री बागेश्वर बालाजी महाराज का विग्रह गढ़ा में धरती से स्वयं प्रकट हुआ। संन्यासी बाबा की तपस्या ने इस भूमि को एक तपोस्थली में बदल दिया।

1986
मंदिर का पुनर्निर्माण

भगवानदास गर्ग जी (संत सेतु लाल जी महाराज), पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के दादा, चित्रकूट से लौटकर मंदिर का पुनर्निर्माण करते हैं।

1989
महायज्ञ एवं दरबार की पुनर्स्थापना

एक भव्य महायज्ञ का आयोजन होता है; श्री श्री 1008 गोले महाराज जी द्वारा स्थापित दिव्य दरबार को विधिवत पुनः प्रतिष्ठित किया जाता है।

2012
दरबार सबके लिए खुला

दिव्य दरबार श्रद्धालुओं के लिए एक नियमित आयोजन बनता है — भारत के सबसे अधिक उपस्थिति वाले आध्यात्मिक आयोजनों में से एक का आरंभ।

2016
गुरुजी ने संभाला दायित्व

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज को बागेश्वर धाम का नेतृत्व सौंपा जाता है।

2017
सेवा एक आंदोलन बनी

108 निर्धन कन्याओं के लिए एक ऐतिहासिक सामूहिक विवाह — सेवा, जो मंदिर की दीवारों से कहीं आगे तक फैली है।

आज
असंख्य हृदयों का जीवंत तीर्थ

देश के हर राज्य से और विश्व के अनेक देशों से श्रद्धालु आते हैं। यह कथा अभी पूरी नहीं हुई — हर तीर्थयात्री इसे आगे लिखता रहता है।

धाम का भ्रमण

धाम का हर कोना आपके लिए कुछ न कुछ संजोए हुए है।

धाम केवल एक स्थान नहीं — यह अनेक स्थानों का समुच्चय है। प्रार्थना और मौन के स्थान, सभागार जहाँ कथाएँ भीड़ को स्तब्ध कर देती हैं, उद्यान जहाँ संसार की गति धीमी पड़ जाती है। धीरे चलिए।

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श्री बागेश्वर बालाजी मंदिर

धाम का प्राण-केंद्र, जहाँ से आपका दर्शन आरंभ होता है।

मंदिर देखें
दिव्य दरबार

वह प्रसिद्ध आयोजन, जो पूरे भारत से श्रद्धालुओं को खींच लाता है।

दिव्य दरबार के बारे में
🌿
बागेश्वर बगीचा

एक स्नेह से सँवारा गया उद्यान, जहाँ धाम की गति स्वाभाविक रूप से धीमी हो जाती है।

बगीचे के बारे में
🍛
अन्नपूर्णा रसोई

जहाँ सेवा सबसे प्रत्यक्ष दिखती है — प्रतिदिन हज़ारों लोगों को गर्म भोजन।

अन्नपूर्णा रसोई
🏠
श्रद्धालु सुविधाएं

पार्किंग, ठहरने का मार्गदर्शन, सुगम्यता और बहुत कुछ।

श्रद्धालु जानकारी
🗺️
धाम कैसे पहुँचें

गढ़ा, छतरपुर तक सड़क, रेल और वायु मार्ग से दिशा-निर्देश।

यात्रा की योजना
अपनी यात्रा की योजना बनाएं

बागेश्वर धाम तक आपकी यात्रा।

पता: बागेश्वर धाम सरकार, ग्राम गढ़ा, पोस्ट-गंज, ज़िला छतरपुर, मध्य प्रदेश — 471105। खजुराहो–पन्ना मार्ग पर, छतरपुर से ~25 किमी।

दर्शन: सभी दिन, प्रातः 7:30 – रात्रि 9:00 (पर्वों और दिव्य दरबार के अवसर पर समय बदल सकता है)। श्रद्धालु हेल्पलाइन: +91 70550 05553 / 05554 · ईमेल: bageswardhams@gmail.com।

परिसर में सुविधाएं: पार्किंग, RO पेयजल, शौचालय, प्रसाद, जूता-चप्पल रखने की व्यवस्था, व्हीलचेयर सुगम्यता, चिकित्सा सहायता, विद्युत बैकअप, और CCTV एवं सुरक्षा।

दूरियाँ एक नज़र में

~25 km
छतरपुर शहर से
~25 km
छतरपुर जंक्शन (रेल) से
~45 km
खजुराहो हवाई अड्डे से
~110 km
झाँसी से (सड़क)
गैलरी

वे क्षण, जो धाम से लौटने के बाद भी सदा आपके साथ रहते हैं।

अपनी यात्रा से पहले हर वह बात, जो आप जानना चाहेंगे।

क्या बागेश्वर धाम में प्रवेश के लिए कोई शुल्क है?

नहीं। बागेश्वर धाम सभी श्रद्धालुओं के लिए पूर्णतः निःशुल्क खुला है। नित्य दर्शन और दिव्य दरबार में सम्मिलित होना, दोनों निःशुल्क हैं।

दर्शन का समय क्या है?

नित्य दर्शन प्रातः 7:30 से रात्रि 9:00 बजे तक, वर्ष के हर दिन खुला रहता है। पर्वों और दिव्य दरबार के दौरान समय में परिवर्तन हो सकता है।

दर्शन के समय क्या पहनना चाहिए?

श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे शालीन और सम्मानजनक वस्त्र पहनें। कोई कठोर वस्त्र-संहिता नहीं है, किंतु सुविधाजनक पारंपरिक परिधान सराहनीय है।

क्या फ़ोटोग्राफ़ी की अनुमति है?

पूजा के समय मंदिर के भीतर फ़ोटोग्राफ़ी की अनुमति नहीं है। परिसर के खुले क्षेत्रों में अनुमति हो सकती है — कृपया स्वयंसेवकों के मार्गदर्शन का पालन करें।

मैं दिव्य दरबार में कैसे सम्मिलित हो सकता/सकती हूँ?

दिव्य दरबार घोषित तिथियों पर आयोजित होता है। प्रवेश के लिए एक निःशुल्क टोकन आवश्यक है, जो पूर्व-घोषित तिथि पर धाम में वितरित होता है। वर्तमान में कोई ऑनलाइन पंजीकरण नहीं है। संपूर्ण प्रक्रिया के लिए ‘अनुभव’ पृष्ठ देखें।

मैं अर्जी कैसे लगाऊँ?

अर्जी बालाजी महाराज को अर्पित आपकी प्रार्थना है, जो नारियल के माध्यम से, वैध टोकन के साथ दिव्य दरबार के दौरान लगाई जाती है। प्रक्रिया के लिए ‘अनुभव’ अनुभाग देखें।

क्या पार्किंग उपलब्ध है?

हाँ। श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग उपलब्ध है। दिव्य दरबार और बड़े पर्वों के दौरान भीड़ एवं यातायात प्रबंधन रहता है — जल्दी पहुँचें और स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन करें।

बागेश्वर धाम के निकट कहाँ ठहर सकता/सकती हूँ?

धाम के आसपास और छतरपुर शहर में ठहरने के विकल्प उपलब्ध हैं। विशेषकर दिव्य दरबार और पर्वों के दौरान पहले से योजना बनाएं। मार्गदर्शन हेतु हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

क्या वरिष्ठ नागरिकों या दिव्यांगों के लिए सुविधाएं हैं?

हाँ। व्हीलचेयर सुगम्यता और सहायता उपलब्ध है। कृपया यात्रा से पूर्व हेल्पलाइन पर संपर्क करें, ताकि व्यवस्थाएं पहले से की जा सकें।

क्या भोजन उपलब्ध है?

हाँ। प्रसाद उपलब्ध है, और अन्नपूर्णा रसोई सेवा-भाव से भोजन उपलब्ध कराती है। आसपास के क्षेत्र में भी भोजन उपलब्ध है।

क्या मैं लाइव ऑनलाइन देख सकता/सकती हूँ?

हाँ। लाइव दर्शन और दिव्य दरबार आधिकारिक YouTube और Facebook चैनलों पर प्रसारित होते हैं। कार्यक्रम और लिंक के लिए ‘लाइव’ अनुभाग देखें।

हर यात्रा एक पहले कदम से आरंभ होती है।

धाम के द्वार से लेकर उस क्षण तक, जब आप धाम की शांति को अपने जीवन में साथ ले जाते हैं — बागेश्वर धाम आपसे ठीक वहीं मिलेगा, जहाँ आप हैं। जैसे हैं, वैसे ही आइए। जो मन में लिए हैं, वह साथ लाइए।

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The Dham — Visit Shri Bageshwar Dham, Gadha, Chhatarpur